भीषण सड़क हादसा: देवघर में बस-ट्रक की टक्कर से 18 कांवड़ियों की मौत, 20 से अधिक घायल

भीषण सड़क हादसा: देवघर में बस-ट्रक की टक्कर से 18 कांवड़ियों की मौत, 20 से अधिक घायल

 

 

देवघर (झारखंड), 29 जुलाई 2025 —

झारखंड के देवघर जिले से आज सुबह एक दर्दनाक खबर सामने आई है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से भरी एक बस की आमने-सामने की टक्कर एक ट्रक से हो गई, जिससे मौके पर ही 18 कांवड़ियों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए हैं। यह भीषण हादसा देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र में गोड्डा-देवघर मुख्य मार्ग पर मंगलवार की सुबह हुआ। घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।

 

कैसे हुआ हादसा?

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक मिनी बस में सवार होकर कांवड़िए देवघर में बाबा बैद्यनाथ धाम में जल अर्पित करने जा रहे थे। ये सभी श्रद्धालु बिहार के अलग-अलग जिलों से आए थे और सोमवार की रात गंगाजल भरकर देवघर की ओर प्रस्थान कर चुके थे। सुबह तकरीबन 4:30 बजे, गोड्डा-देवघर मार्ग पर तेज रफ्तार में आ रही एक ट्रक ने बस को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और बस सड़क किनारे ईंटों की दीवार से जा टकराई।

 

मौतें और घायलों की स्थिति

 

हादसे में 18 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल कांवड़ियों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। घायलों को तत्काल देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। कई घायलों को बेहतर इलाज के लिए भागलपुर मेडिकल कॉलेज और रांची के रिम्स अस्पताल में रेफर किया गया है।

 

चश्मदीदों की जुबानी

 

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक ने साइड से आने के बजाय सामने से बस को टक्कर मारी। ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि बस को लगभग घसीटते हुए सड़क के किनारे तक ले गया। मौके पर मौजूद कांवड़ियों ने बताया कि अधिकांश यात्री नींद में थे और उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।

“हमारे आंखों के सामने भाई गिर पड़ा, किसी का सिर फट गया, किसी का पैर कट गया। चारों ओर चीख-पुकार मच गई,” एक बचे हुए यात्री ने भावुक स्वर में कहा।

 

कांवड़ यात्रा में बदल गया मातम

 

सावन के इस पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा एक धार्मिक उत्सव का प्रतीक होती है, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बदल दिया। लोगों के लिए यह यात्रा अब एक भयावह अनुभव बन गई। जो लोग सोमवार को उत्साह और भक्ति के साथ निकले थे, वे मंगलवार को मौत के सन्नाटे में तब्दील हो गए।

देवघर प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर शवों को बाहर निकाला। कई शव बस के भीतर बुरी तरह फंसे हुए थे जिन्हें कटर और गैस कटर से बाहर निकाला गया।

 

 

प्रशासन की कार्रवाई और मुआवज़ा

 

घटना की जानकारी मिलते ही देवघर के डीसी (जिलाधिकारी), एसपी, मोहानपुर थाना प्रभारी, एम्बुलेंस और राहत बचाव टीम मौके पर पहुंची।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवज़ा, और घायलों को नि:शुल्क इलाज की घोषणा की है।

 

उन्होंने कहा,

“यह एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।”

 

कांवड़ियों के लिए सुरक्षा पर उठे सवाल

 

यह हादसा एक बार फिर कांवड़ यात्रा में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है। सावन में लाखों श्रद्धालु सड़कों पर उतरते हैं, और ऐसे में प्रशासन को ट्रैफिक कंट्रोल, वाहनों की जांच, थकान प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करनी चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता रवि झा ने कहा:

हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान ऐसे हादसे होते हैं, लेकिन कोई ठोस नीति नहीं बनती। श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी उतनी ही ज़रूरी है जितनी धार्मिक आस्था।”

 

बस और ट्रक चालक के बारे में जानकारी

 

फिलहाल ट्रक चालक फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है। वहीं, बस के ड्राइवर की हालत भी गंभीर है और वह अस्पताल में भर्ती है, जिससे फिलहाल पूछताछ नहीं हो पाई है।

 

स्थानीय लोगों का आक्रोश

 

घटना के बाद लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। मृतकों के शवों को देखकर कई स्थानीय लोग और परिजन बेहोश हो गए। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। कुछ लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया और ट्रकों के खिलाफ नाराजगी जताई।

 

शवों की पहचान और अंतिम संस्कार की तैयारी

 

शवों को पहचान कर उनके परिजनों को सूचित किया जा रहा है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अंतिम संस्कार में सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। शवों को देवघर के मोर्चरी में रखा गया है।

 

निष्कर्ष

 

इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आस्था के मार्ग में भी लापरवाही और अनियमितता जानलेवा साबित हो सकती है। जहां श्रद्धालु ईश्वर की भक्ति में डूबे होते हैं, वहीं सरकार और समाज की ज़िम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित यात्रा का माहौल मिले।

देवघर हादसे की यह दुखद घटना पूरे देश के लिए एक चेतावनी है कि धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं की आस्था को हादसों का ग्रहण न लगे।

 

आपकी प्रतिक्रिया?

क्या ऐसे हादसों को रोकने के लिए सरकार को स्थायी नीति बनानी चाहिए? नीचे कमेंट में बताएं।

📢 सावधान रहें, सुरक्षित रहें।

 

Author

  • SRJ
    Editor at SimanchalNews.in
    Passionate about bringing local stories and insightful news to Simanchal region. With over 2 years of journalism experience, I believe in fair, balanced reporting.

    Connect with me:
    • Email: News@simanchalnews.in

    site-www.simanchalnews.in

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights