जोगबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों को ठगने वाले 10 अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरफ्तार

 

जोगबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों को ठगने वाले 10 अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरफ्तार

अररिया जिले की जोगबनी थाना पुलिस ने हरियाणा पुलिस के सहयोग से एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों से भोले-भाले लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले 10 अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 22 अगस्त 2025 को हरियाणा के पलवल जिले के साइबर थाना की सूचना के आधार पर की गई।

कैसे हुआ खुलासा?

हरियाणा राज्य के पलवल जिले के साइबर थाना में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके साथ ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए ठगी हुई है। इस मामले में थाना पलवल साइबर टीम ने प्राथमिकी संख्या 146/25 दर्ज की। धारा 318(4)/319(2) BNS के तहत दर्ज इस मामले की गहन जांच शुरू हुई। जांच में यह खुलासा हुआ कि ठगी करने वाला गिरोह बिहार के अररिया जिले के जोगबनी थाना क्षेत्र से संचालित हो रहा है।

सूचना मिलते ही पलवल साइबर थाना की टीम सह-थानाध्यक्ष नवीन कुमार के नेतृत्व में जोगबनी पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की। जोगबानी बाजार के बलुघाट  स्थित एक मकान में दबिश दी गई, जहां से 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।

छापेमारी में क्या मिला?

पुलिस ने अपराधियों के पास से भारी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग उपकरण जब्त किए। इनमें शामिल हैं:

23 मोबाइल फोन

02 लैपटॉप

07 पासबुक

15 एटीएम कार्ड

 

इन उपकरणों का इस्तेमाल अपराधी ऑनलाइन ठगी करने के लिए करते थे। पुलिस का कहना है कि ये लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों से संपर्क कर पहले उन्हें छोटे-छोटे टास्क या इनाम का लालच देते थे। धीरे-धीरे शिकार का भरोसा जीतकर उनसे बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी ले लेते थे। बाद में खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे।

 

गिरफ्तार अपराधियों का विवरण

 

पुलिस ने जिन 10 आरोपियों को पकड़ा है, वे अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखते हैं। इनमें राजस्थान, पश्चिम बंगाल और बिहार के लोग शामिल हैं। कुछ आरोपी पहले भी साइबर अपराध से जुड़े मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी अपराधी एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और अलग-अलग राज्यों में ठगी कर चुका है।

 

गिरोह का काम करने का तरीका

 

जांच में सामने आया है कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी आईडी बनाता था। वे युवाओं को गेमिंग ऐप्स और ऑनलाइन टास्क के जरिए पैसा कमाने का लालच देते थे। शुरुआत में छोटे-छोटे पैसे जीताकर उनका भरोसा जीत लेते थे। फिर बड़े निवेश के लिए उकसाते और अंत में खातों से मोटी रकम निकाल लेते थे।

 

यह गिरोह कई राज्यों के लोगों को निशाना बना चुका है। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क के तार विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं।

 

पुलिस की भूमिका और आगे की जांच

 

जोगबनी थाना प्रभारी ने बताया कि “यह कार्रवाई साइबर अपराध पर बड़ी चोट है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और संभावना है कि पूछताछ के दौरान कई और बड़े खुलासे होंगे।”

 

वहीं हरियाणा पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में आपसी सहयोग बेहद जरूरी है। इस केस से यह साबित हुआ कि जब पुलिस टीमें मिलकर काम करती हैं तो बड़े से बड़ा गिरोह भी पकड़ा जा सकता है।

आम जनता के लिए संदेश

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, ऑनलाइन लिंक या गेमिंग ऐप पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर बैंक डिटेल्स या ओटीपी साझा करना बेहद खतरनाक हो सकता है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आए तो तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

निष्कर्ष

जोगबनी पुलिस और हरियाणा साइबर थाना की संयुक्त कार्रवाई ने साबित कर दिया कि साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं। 10 अपराधियों की गिरफ्तारी से निश्चित रूप से इस गिरोह की कमर टूटेगी और आगे की जांच से कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। इस कार्रवाई ने न केवल स्थानीय बल्कि पूरे राज्य के लोगों को राहत दी है और यह संदेश भी दिया है कि कानून के शिकंजे से अपराधी बच नहीं सकते।

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  • SRJ
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